
✈️ अटलांटिक ट्राइडेंट 25 युद्धाभ्यास में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। फ्रांस के घातक राफेल फाइटर जेट ने अमेरिकी F-35 स्टील्थ जेट को ‘Kill Lock’ कर लिया। यानी राफेल ने F-35 को सीधा निशाने पर लॉक कर दिया और अमेरिकी जेट अपने सभी स्टील्थ फीचर और तकनीक के बावजूद खुद को बचा नहीं पाया।
राफेल की ताकत
- राफेल अपनी स्पीड, फुर्ती और एडवांस रडार सिस्टम की वजह से जाना जाता है।
- यह सिर्फ डॉगफाइट (हवाई मुकाबला) में ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी पर भी सटीक वार करने में माहिर है।
- भारतीय वायुसेना भी इसी लड़ाकू विमान का इस्तेमाल करती है और इसे अपने लिए गेम-चेंजर मानती है।
F-35 क्यों पिछड़ा?
- अमेरिकी F-35 की सबसे बड़ी खासियत उसका स्टील्थ टेक्नोलॉजी है, जो दुश्मन के रडार पर पकड़ में नहीं आती।
- लेकिन इस युद्धाभ्यास में राफेल ने अपनी टेक्नोलॉजी और स्किल से F-35 को पछाड़ दिया।
- यह साफ दिखाता है कि सिर्फ स्टील्थ ही काफी नहीं, बल्कि रियल-टाइम कॉम्बैट स्किल्स और रडार पावर भी जरूरी है।

भारत के लिए क्या सबक?
- भारत के पास पहले से ही राफेल मौजूद है, और यह नतीजा भारत के लिए राहत की खबर है।
- यह दर्शाता है कि भारतीय वायुसेना के पास ऐसा हथियार है जो दुनिया के सबसे एडवांस्ड स्टील्थ जेट्स को भी चुनौती दे सकता है।
🔥 नतीजा
यह मुकाबला साबित करता है कि हवाई जंग में सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि अनुभव और रणनीति भी मायने रखते हैं। राफेल ने दिखा दिया कि वह अभी भी दुनिया के सबसे घातक फाइटर जेट्स में से एक है।