📅 तारीख: 13 जुलाई 2025 ✍️

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित किया है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है। ये नामांकन न केवल उनकी योग्यता का सम्मान है बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र को विविधता और दृष्टिकोणों से समृद्ध भी करता है।
✨ जानिए कौन हैं ये चार नए राज्यसभा सदस्य?
1. 🇮🇳 सी. सदानंदन मास्टर – संघ प्रेरित सामाजिक कार्यकर्ता
- केरल के निवासी सदानंदन मास्टर एक समर्पित शिक्षक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
- इन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है।
- मास्टर जी वर्षों से वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्यरत रहे हैं।
- उनका जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का उदाहरण है।
2. 👩🏫 डॉ. मीनाक्षी जैन – इतिहासकार और लेखक
- डॉ. जैन एक प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखिका और पूर्व दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर रही हैं।
- उन्होंने भारतीय इतिहास को नई दृष्टि से देखने और प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- उनकी रचनाओं में धार्मिक स्थलों का ऐतिहासिक महत्व, मंदिरों की ध्वंस कथा और भारत की सांस्कृतिक पहचान प्रमुख विषय रहे हैं।
- उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सराहा गया है।
3. ⚖️ उज्ज्वल निकम – प्रसिद्ध विशेष लोक अभियोजक
- उज्ज्वल निकम भारत के सबसे चर्चित और प्रभावशाली वकीलों में से एक हैं।
- उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले, प्रणव मिस्री केस, केस involving Yakub Memon और कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अभियोजन पक्ष की तरफ से बहस की है।
- उनका नाम कानून के दायरे में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का पर्याय बन गया है।
- उन्हें उनकी न्याय के प्रति निष्ठा और निर्भीकता के लिए जाना जाता है।
4. 🌐 हर्षवर्धन श्रृंगला – पूर्व विदेश सचिव और राजनयिक
- हर्षवर्धन श्रृंगला भारत के पूर्व विदेश सचिव और कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पदों पर कार्यरत रह चुके हैं।
- उन्होंने भारत को अमेरिका, बांग्लादेश और थाईलैंड में बतौर राजदूत प्रतिनिधित्व किया।
- वे नीति निर्माण, कूटनीति और वैश्विक रणनीति के गहरे जानकार माने जाते हैं।
- श्रृंगला का अनुभव भारत की विदेश नीति को मजबूती देने में उपयोगी रहेगा।
🏛️ राष्ट्रपति के नामांकन का महत्व
संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति 12 सदस्यों को राज्यसभा में नामित कर सकते हैं, जो साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखते हों।
इस बार के नामांकन से स्पष्ट है कि सरकार ने सांस्कृतिक जागरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक न्याय और विदेश नीति जैसे मुद्दों को महत्व दिया है।
📣 निष्कर्ष
इन चारों चेहरों का चयन सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रनिर्माण के हर पहलू को मजबूत करने का संकेत है।
सदानंदन मास्टर की सेवा, मीनाक्षी जैन की लेखनी, उज्ज्वल निकम का न्यायप्रिय साहस और श्रृंगला की कूटनीतिक दृष्टि — सब मिलकर राज्यसभा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।