⚖ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश:

⚖ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश“नफरत पर लगाम लगे, पर बोलने की आज़ादी बनी रहे”

📅 तारीख: 14 जुलाई 2025
📍 नई दिल्ली
देश में बढ़ती हेट स्पीच (नफरत भरे भाषण) पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
लेकिन साथ ही उसने यह भी साफ कर दिया कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।

🔔 कोर्ट का निर्देश क्या है?

➡️ केंद्र और सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि:

  1. नफरत फैलाने वाली हर बात पर सख्त कार्रवाई करें।
  2. सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखें।
  3. कोई भी व्यक्ति धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भड़काऊ भाषण न दे।
  4. अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर समाज में जहर फैलाने वालों को न बख्शा जाए।

👨‍⚖ सुनवाई में क्या हुआ?

यह आदेश वज़ाहत खान केस की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि

“सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों से नफरत भरे विचार तेजी से फैल रहे हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यह एक गंभीर मुद्दा है,
पर इसके समाधान में अभिव्यक्ति की आजादी को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।


🧾 कोर्ट ने कहा साफ:

“हमें एक संतुलन बनाना होगा —
जहां नफरत को जगह न मिले, लेकिन सच बोलने की आज़ादी बनी रहे।”


📱 सोशल मीडिया पर क्या असर?

अब सोशल मीडिया कंपनियों पर भी जिम्मेदारी बढ़ेगी:

✅ भड़काऊ वीडियो या पोस्ट तुरंत हटाएं
✅ रिपोर्ट सिस्टम को और तेज़ बनाएं
✅ उपयोगकर्ताओं को जागरूक करें
✅ फर्जी अकाउंट्स की निगरानी बढ़ाएं


🧠 हेट स्पीच क्या होती है?

हेट स्पीच का मतलब होता है —

“ऐसी कोई भी बात या पोस्ट, जो धर्म, जाति, लिंग, क्षेत्र या भाषा के आधार पर दूसरों के खिलाफ नफरत फैला रही हो।”


🤝 सरकार और जनता की भूमिका

👉 सरकार को चाहिए कि वो कड़े कानून लागू करे
👉 और जनता को चाहिए कि वो सोच-समझकर बोले और जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करे


🧩 निष्कर्ष:

नफरत का जवाब कानून से भी ज़रूरी समझदारी से दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश एक ऐसा कदम है जो भारत को लोकतंत्र की गरिमा के साथ सुरक्षित बनाए रखेगा।


📢 आप क्या सोचते हैं? क्या सोशल मीडिया पर नफरत को रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने चाहिए?
👇 नीचे कमेंट में अपनी राय ज़रूर साझा करें और इस खबर को आगे शेयर करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top