
भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स में चल रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया का सितारा एक बार फिर चमका – और वो कोई और नहीं बल्कि यशस्वी जायसवाल थे। चोट के बावजूद जो हिम्मत, जो जज़्बा और जो क्लास उन्होंने दिखाया, वो क्रिकेट प्रेमियों को याद रहेगा।
चोट खाई लेकिन हिम्मत नहीं हारी – बना दिया शानदार शतक!
पहले दिन ही बल्लेबाज़ी करते समय यशस्वी के हाथ में खिंचाव आ गया था। , लेकिन यशस्वी डटे रहे। सिर्फ डटे ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की जमकर खबर ली।
101 रनों की यह पारी न सिर्फ स्कोरबोर्ड के लिए अहम थी, बल्कि मानसिक दबाव के सामने खिलाड़ी की grit का प्रमाण भी बनी।
रिकॉर्ड्स की बारिश – यशस्वी का तूफान
- लीड्स में सबसे तेज़ भारतीय शतक बनाने वाले युवाओं में शामिल
- विदेशी ज़मीन पर लगातार तीसरा 50+ स्कोर
- चोट के बावजूद शतक जड़ने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में नाम दर्ज
- इससे पहले 4 भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड की धरती पर अपनी पहली ही टेस्ट में शतक लगाए उनके नाम है—-
146 मुरली विजय, ट्रेंट ब्रिज 2014
133 विजय मांजरेकर, लीड्स 1952
131 सौरव गांगुली, लॉर्ड्स … 1996
129* संदीप पाटिल, ओल्ड ट्रैफर्ड 1982
हर गेंदबाज़ ने यशस्वी को आउट करने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने ऑफ साइड में ड्राइव, लेग साइड में फ्लिक और तेज़ बाउंसर्स पर पुल शॉट खेलकर सभी को हैरान कर दिया।
‘न्यू इंडिया‘ का असली चेहरा – साहस, संकल्प और स्कोर!
यशस्वी जायसवाल की यह पारी सिर्फ रन नहीं थे – ये एक संदेश था। ये वो नई पीढ़ी है जो मुश्किल में घबराती नहीं, और चोट में भी चूकती नहीं।
📌 निष्कर्ष:
लीड्स की पिच पर यशस्वी जायसवाल की ये पारी आने वाले वर्षों में मिसाल बनेगी। भारतीय क्रिकेट में अब ‘बड़े नाम‘ नहीं, ‘बड़े काम‘ बोलते हैं।
“चोट खाई, मगर झुका नहीं – यही है असली यशस्वी।”