लिवर की गंदगी साफ करने और ताकत बढ़ाने के लिए रोज करें ये योगासन

लिवर के लिए वरदान हैं ये योगासन

आजकल की दौड़-भाग भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और स्ट्रेस की वजह से हमारा शरीर अंदर से थकने लगता है। खासकर लिवर, जो शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, उस पर इसका सबसे ज़्यादा असर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान योगासन हर दिन करने से आपका लिवर दोबारा सेहतमंद और ताकतवर बन सकता है?

यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं 5 ऐसे चमत्कारी योगासन जिन्हें अपनाकर आप लिवर को डिटॉक्स कर सकते हैं और उसकी कार्यक्षमता को बढ़ा सकते हैं — बिना किसी दवा के।


✅. धनुरासन (Bow Pose)

फायदा: लिवर की मांसपेशियों में खिंचाव, टॉक्सिन्स बाहर
कैसे करें: पेट के बल लेटकर पैरों को मोड़ें और हाथों से टखनों को पकड़ें। फिर छाती और जांघों को ऊपर उठाएं। 20-30 सेकंड तक इस मुद्रा में रुकें।

💡 यह आसन आपके लिवर को एक्टिव करके उसकी सफाई करने में मदद करता है।


✅. नौकासन (Boat Pose)

फायदा: लिवर व किडनी को एक्टिव करना, पेट की चर्बी कम करना
कैसे करें: पीठ के बल लेटें, फिर हाथ, सिर और पैरों को ऊपर उठाएं। शरीर नाव जैसी आकृति में हो। 20-30 सेकंड रुकें।

⚡ रोजाना नौकासन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पाचन भी दुरुस्त होता है।


✅. भुजंगासन (Cobra Pose)

फायदा: लिवर और अग्न्याशय के लिए खास , ब्लड सर्कुलेशन के लिए बेहतर
कैसे करें: पेट के बल लेटें, दोनों हाथों को कंधों के पास रखें और सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं। 15-30 सेकंड रुकें।

👉 यह योगासन आपके लिवर की कोशिकाओं को सक्रिय करता है और पाचन को भी सुधारता है।


✅ . अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist)

फायदा: पाचन तंत्र और लिवर की सफाई
कैसे करें: दंडासन में बैठें, एक पैर को मोड़ें और दूसरे घुटने के पार रखें। धड़ को मोड़ें और पंजा पकड़ें। 30-60 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।

🌀 यह आसन शरीर की आंतरिक सफाई में मदद करता है और लीवर को डिटॉक्स करता है।


✅. पवनमुक्तासन (Wind-Relieving Pose)

फायदा: गैस, एसिडिटी और लिवर की कार्यक्षमता में सुधार
कैसे करें: पीठ के बल लेटकर घुटनों को छाती की ओर लाएं और हाथों से पकड़ें। सिर को उठाकर घुटनों से मिलाएं। 20 सेकंड रुकें।

🌬 यह सबसे सरल योगासन है जो पाचन और लिवर दोनों को ठीक करने में कारगर है।


🌟 निष्कर्ष (Conclusion)

लिवर को स्वस्थ और ताकतवर बनाना अब मुश्किल नहीं। इन आसान योगासनों को अपने डेली रूटीन में शामिल करें और कुछ ही हफ्तों में बदलाव महसूस करें। ना दवा, ना खर्च – सिर्फ प्राकृतिक तरीका और आयुर्वेदिक परंपरा से भरपूर योग। 📌 Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी व्यायाम की शुरुआत डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से सलाह लेने के बाद करें।

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